गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट का सीईओ बनने के बाद सुंदर पिचाई को दैनिक भास्कर ने अपने लाखों पाठकों की ओर से बधाई दी। हमने पिचाई से मार्केट कैप के लिहाज से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी अल्फाबेट के भविष्य और भारत को लेकर उनकी योजनाओं के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने जो बताया, उन्हीं के शब्दों में पढ़ें...
मैं दुनियाभर से अपने शुभचिंतकों की ओर से मिल रही शुभकामनाओं के लिए बहुत धन्यवाद देता हूं। मैं दैनिक भास्कर के जरिए सभी भारतीय पाठकों के असीम प्यार और उनकी गर्मजोशी के लिए भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। यह वास्तव में मेरे लिए सुखद स्नेह भरे पल हैं।
जैसा कि आप जानते हैं कि मैं अपनी एक नई भूमिका की ओर बढ़ रहा हूं, तो मैं इस बात की पुष्टि करना चाहता हूं कि इससे हमारे काम के डायनेमिक्स (गतिशीलता) नहीं बदलेंगे और मैं बुधवार से पहले की तरह, वैसे ही काम करता रहूंगा। हालांकि अब अल्फाबेट की ग्रुप होल्डिंग्स और इन्वेस्टमेंट्स की अतिरिक्त जिम्मेदारी मुझ पर होगी।
यह नया बदलाव लैरी और सर्गेई के परोपकार और निस्वार्थ नजरिये के बिना संभव नहीं होगा, जो अब मेनस्ट्रीम मैनेजमेंट में अपनी भूमिकाओं को और ज्यादा पकड़ कर नहीं रखना चाहते हैं और मुझे एक तरह से अपना उत्तराधिकारी मानते हैं। लैरी और सर्गेई को-फाउंडर्स और बोर्ड मेंबर्स के रूप में हमारा एक अभिन्न अंग बने रहेंगे और इससे भी अधिक, मेरे व्यक्तिगत दोस्त और संरक्षक के रूप में हमारी टीम वैसी ही बनी रहेगी, जो आज है।
...लेकिन अब जब पैरेंट कंपनी अल्फाबेट पूरी तरह से कंपनियों का एक विकसित अम्ब्रेला बन गई है, मैं हमारी अन्य सभी टेक कंपनियों में अपनी भूमिकाओं को संतुलित करने पर जोर दूंगा, इन कंपनियों में कैलिको, गूगल एक्स लैब्स, वेंचर, कैपिटल, नेस्ट, फाइबर, गूगल (हमारा मुख्य व्यवसाय), जिग्सॉ, मकानी, डीपमाइंड, जीवी, वेरी, वायमो, विंग, लून और साइडवॉक लैब्स हैं।
मेरी नई भूमिका का एक हिस्सा इन नई टेक्नोलॉजीस को हमारे मुख्य कारोबार में इंटीग्रेट करते हुए एक साथ लाना रहेगा। हालांकि, इस समय मैं गूगल में जो कुछ भी कर रहा हूं, वह करता रहूंगा और अपना ध्यान पहले की ही तरह वहां से रेवेन्यू लाने पर बनाए रखूंगा, क्योंकि वास्तव में यह हमारे बिजनेस के लिए 'ब्रेड एंड बटर' जैसा है।
हम हमेशा की तरह भारतीय बाजार में अपने कदम बढ़ाते रहेंगे। इस बार गूगल और उसकी सर्विसेज के अलावा हमारा ध्यान भारत में अल्फाबेट कंपनियों को लाने पर ज्यादा होगा। इससे ज्यादा नौकरियां और एफडीआई मिलेगा और इसके लिए हम योजना जल्दी ही तैयार करेंगे।
मैं अपनी क्षमताओं के अनुसार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा।